Holy Cow…

हे मानव जाति , भले ही मैं हूँ जानवरों कि प्रजाति , 

पर मानवता , मैं मानवों से ज़्यादा हूँ निभाती , 

मनुष्यों के बीच बहुत अधिक हैँ मेरी ख्याति , 

इसी लिये तो गर्व से फूली है मेरी छाती ! 
मत भूलो आपके स्वास्थ लिये लाभदायक है मेरा हर पदार्थ , 

दूध , गौमूत्र , गोबर के व्यवसाय से पूरा किया आपने अपना स्वार्थ ! 

मेरी योनी में बसे है तैंतीस करोड़ देवी देवता समझ तो होगी थोड़ी , 

लेकिन मेरी चमड़ी तक को व्यवसाय बनाने मे कोई कसर नहीं छोड़ी ! 
दूध देना बंद करने के बाद भी “माँ ” कहलाती है हर एक नारी , 

दूध देना बंद करने के बाद” मै “क्यों जाती हूँ मारी , 

मत भूलों मेरी सेवा से मिली है आपको तन मन धन की साँकल , 

विनती है , मत छीनो एक बूढ़ी माँ से उसके प्राण, एक बछडे़ से उसका आँचल !

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